Dear Ex

बचपन के कुछ खिलौने सज़ा रखे हैं मैंने,

आदत नही है न मुझे इंसानों से खेलने की,

तो कुछ पुराने दोस्त यार बचा रखे हैं मैंने❤

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इंस्टा का वो रेड सिंग्नल

इंस्टाग्राम के इनबॉक्स में मानो कोई एक ख़त छोड़ गया हो,

जहाँ सिर्फ उसके जाने की ज़िक्र है बेवजह, आने की शायद एक छोटी सी गुंजाइश,जिसकी उम्मीद मुझे अभी भी है, कुछ बताया नही बस इतना कहा कि मैं कॉल करती रहूँगी, जो शायद,’कोशिश करेंगे’,मानो यही कहना चाहती हों।

इनबॉक्स के एक कोने से शुरू हुई थी हमारी दुनिया,शायद वहीं खत्म न हो,चाहत सिर्फ इतनी सी है। तुम्हारी दुनिया मे थोड़ी उथल पुथल चल रही है इसका अंदाज़ा है मुझे उम्मीद है वक़्त के साथ हालात अच्छे होंगे,और एक दिन फिर से उसी इनबॉक्स पर पॉपअप होंगे कुछ अच्छे लफ्ज़💞

Dear friend इंतज़ार रहेगा हमे वहीं, जहाँ से मेरी खुशियाँ निर्धारित होती हैं।

अनकहा प्यार

मैंने कहा मुझे तुम्हारे संग बिताए सभी लम्हे आज भी अच्छे से याद हैं,
उम्मीद थी वह ‘क्यों व काहे’ पूछेंगी, समझदार थी तो बस मुस्कुरा दिया💞

क़रीब क़रीब सिंगल

फिल्मे भी सिर्फ वही भाती हैं हमे जो हमारे अतीत से कहीं न कहीं जुड़ी हों, फ़िल्म से काफी मेल खाती है मेरी ज़िंदगी, मुझे भी लोगों से बहुत प्यार हुआ,बार बार हुआ लेकिन अच्छा ये है कि जिनसे भी हुआ दोतरफ़ा बेशुमार हुआ।

एक कहावत सुनी थी अंग्रेजी की..look matter,be classy.लेकिन ये कभी नही हुआ हमसे क्योंकि इंसान अपनी बैड लुक और बैड लक कभी नही बदल सकता बस सुधारने का प्रयाश कर सकता है जोकि हमसे नही हो पाया।अच्छी बात ये रही कि हम जिनके भी करीब रहे उन्हें मेरी लत लग लग गयी बुरी वाली और मुझे भी, फिर हमें लुक से कोई लेना देना ही नही रहा,क्योंकि प्यार में इंसान अंधा तो हो ही जाता है।

फ़िल्म की तरह मैंने भी मोहब्बत में अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया, पढ़ाई के साथ शायद सबकुछ जिसका मुझे कभी मलाल नही रहा।विद्या मंदिर से निकले द्विवेदी जी ने सोचा भी नही था कि एक बंगाली पंडित को अपना दिल दे बैठेंगे क्योंकि शुरुआत हमारी भी सख्त लौंडों की तरह हुई थी, क्लास में जिनसे मारपीट हुई वो आज भी कांटेक्ट में हैं,चाहे पकोड़ी नेहा हो या गुस्सैल हिना।

बंगाली पंडित को हम पसंद तो बड़ी देर से आये लेकिन उतनी मोहब्बत फिर मुझे कभी किसी से नही मिली,हम बिना मतलब के रूठ जाते और वो घंटो मनाती, बस रूठते भी इसी लिए थे, अच्छा लगता था किसी का प्यार पाना😂

जैसा कि आप जानते हैं आम आदमी का प्यार डॉक्टर इंजीनियर उठा ले जाते हैं वैसा ही मेरे साथ भज हुआ, सौम्या बीते लम्हो और सुबह की ख़्वाबों की तरह हमेसा के लिए दूर हो गयी,लेकिन आज भी उसको याद करना और उसके पुराने चैट्स पढ़ना मेरे लिये सबसे सुखदायी पल साबित होते हैं।

सौम्या के जाने के बाद मुझे स्कूल के पुराने यार मिले, जिन्होंने मुझे कभी अकेलापन महसूस नही होने दिया जिसमें खास रही Ms drama और dear कवयित्री जी की जोड़ी।इनके पास समय कम होता था लेकिन हर बार मेरी बकवास बातों और कहानियों को बड़े इत्मीनान से सुनते थे।

खुद को हम सिर्फ अच्छे दोस्त कहें तो शायद गलत होगा, हम दोस्त से कहीं ज्यादा है,हाफ गर्लफ्रैंड से थोड़े कम हैं।Ms drama और हम तो इतने सिमिलर हैं कि शायद कुंडली के 36 गुण भी मिल जाए, कई बार हम इतने एक जैसे हो जाते हैं कि खुद पर भरोसा नही होता, दोनों अपनी पिछली लाइफ से सबक ले के आगे बढ़ रहे हैं लेकिन,एक दूसरे से प्यार बहुत है लेकिन कभी इज़हार नही करते और न ही इसकी जरूरत है क्योंकि हम ऐसे ही खुश हैं। वो मेरी कहानियों से बोर भी होती है लेकिन आज तक कभी कहा नही की बस करो,मत सुनाओ मुझे अपनी कहानी।

अब बात करते हैं मेरे अज़ीज़ यार की dear कवयित्री जी,इनके पास किसी के लिए वक़्त नही होता लेकिन मेरे लिए हर बार समय निकाला है इन्होंने,कभी कभी लेट रिप्लाई पर हम नाराज़ हुए हैं लेकिन हर बार मेरे इस यार ने मनाया है मुझे।हमारी दोस्ती अब काफी गहरी हो चुकी है तो नाराजगी के लिए कोई जगह नही है,एक दूसरे के कभी हम काफी करीब आ सकते थे लेकिन इज़हार करने में हम इतने लेट हो गए कि दोनों ने अपनी दुनिया दूसरों में बसा ली।फिर भी हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं,अभी भी प्यार से रहते हैं।

लाइफ में एक नए यार की भी एंट्री हुई है लेकिन उसने मना किया है कुछ भी लिखने से साथ ही धमकी भी दी है कि मुख तोड़ने की😜

बस इतनी ही थी ये कहानी,दोस्तों की लिस्ट में कुछ अनकहे नाम और भी हैं जिनके बारे में बयाँ नही कर सकते।